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लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए?

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Investment Tips: शेयर मार्केट से करोड़पति कैसे बनें? आपका भी है यही सवाल? ये 7 जवाब

अमित कुमार दुबे

पैसा कमाना हर किसी को अच्छा लगता है. कहा जाता है कि शेयर बाजार में बहुत पैसा है. कुछ लोगों को उदाहरण दिया जाता है कि इन्होंने महज 5000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी, और आज शेयर बाजार से करोड़ों रुपये बना रहे हैं. आखिर उनकी सफलता का राज क्या है, आज हम आपको बताएंगे? (Photo: Getty Images)

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दरअसल, आप भी कुछ आसान टिप्स को फॉलो कर शेयर बाजार से पैसे बना सकते हैं. शेयर बाजार में कुछ बातों का ध्यान रखकर आप लखपति से करोड़पति बन सकते हैं. लेकिन अक्सर लोग पैसे बनाने की होड़ में नियम और रिस्क को भूल जाते हैं, या फिर कहें जानबूझकर नजरअंदाज कर देते हैं. और फिर उनकी उनकी शिकायत होती है कि शेयर बाजार से बड़ा नुकसान हो गया. (Photo: Getty Images)

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यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि शेयर बाजार से 90 फीसदी से ज्यादा रिटेलर पैसा नहीं बना पाते हैं, हर रिटेल निवेशक को शेयर बाजार में कदम रखने से पहले इसे आंकड़े को ध्यान में रखना चाहिए. लेकिन एक इसमें एक अच्छी बात यह है कि 10 फीसदी रिटेल निवेशक पैसे बनाने में सफल रहते हैं. क्योंकि वे नियमों को फॉलो करते हैं. (Photo: Getty Images)

शुरुआत कैसे करें:

अब आइए आपको बताते हैं कि शेयर बाजार के आप कैसे करोड़पति बन सकते हैं.

1. शुरुआत कैसे करें: शेयर बाजार में निवेश से पहले ये जानने की कोशिश करें कि शेयर बाजार क्या है? शेयर बाजार कैसे काम करता है? लोगों को शेयर बाजार से कैसे कमाई होती है? क्योंकि शेयर बाजार कोई पैसे बनाने की मशीन नहीं है. डिजिटल के इस दौर में आप घर बैठे ऑनलाइन इस बारे में जानकारी जुटा सकते हैं. इसके लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? अलावा लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? आप इस मामले में वित्तीय सलाहकार की मदद ले सकते हैं. जो आपको शुरुआत में सही दिशा बताएंगे.

छोटी रकम से करें निवेश की शुरुआत


2. छोटी रकम से करें निवेश की शुरुआत: ये जरूरी नहीं है कि शेयर बाजार में निवेश के लिए बड़ी रकम होनी चाहिए. अधिकतर लोग यही गलती करते हैं. अपनी पूरी जमापूंजी शेयर बाजार में लगा देते हैं. फिर बाजार में उतार-चढ़ाव को झेल नहीं पाते हैं. आप छोटी रकम यानी महज 5 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. (Photo: Getty Images)

टॉप कंपनियों को चुनें

3. टॉप कंपनियों को चुनें: शुरुआत में बहुत ज्यादा रिटर्न पर फोकस करने से बचें. क्योंकि बहुत ज्यादा रिटर्न के चक्कर में लोग उन कंपनियों स्टॉक्स में पैसे लगा देते हैं, जो फंडामेंटली मजबूत नहीं होते हैं, और फिर फंस जाते हैं. इसलिए निवेश की शुरुआत अक्सर लार्ज कैप कंपनियों से करें. जो फंडामेंटली मजबूत हो. जब आपको कुछ साल का अनुभव हो जाएगा तो फिर थोड़ा रिस्क ले सकते हैं.

 निवेशित रहने की जरूरत

4. निवेशित रहने की जरूरत: जब आप छोटी रकम से निवेश की शुरुआत करेंगे, तो फिर हर महीने निवेश को बढ़ाते रहें. अपने पोर्टफोलियो को संतुलित बनाकर रखें. जब आप लगातार कुछ साल तक बाजार में निवेशित रहेंगे तो फिर लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? आप लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं. अक्सर बाजार में लंबे समय के निवेशित रहने वालों का फायदा होता है. (Photo: Getty Images)

पैनी स्टॉक्स से रहें दूर

5. पैनी स्टॉक्स से रहें दूर: रिटेल निवेशक अक्सर सस्ते स्टॉक्स पर फोकस करते हैं. 10-15 रुपये वाले स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लेते हैं और फिर गिरावट में घबरा जाते हैं. उन्हें लगता है कि सस्ते शेयर में कम निवेश कर ज्यादा कमाया जा सकता है. लेकिन ये सोच गलत है. स्टॉक्स का चयन हमेशा कंपनी की ग्रोथ को देखकर करें. उसी कंपनी में निवेश करें, जिसका बिजनेस अच्छा हो और उस बिजनेस को चलाने वाला मैनेजमेंट अच्छा हो.

 गिरावट में घबराएं नहीं

6. गिरावट में घबराएं नहीं: शेयर बाजार में जब भी गिरावट आए, तो अपने निवेश को बढ़ाने बढ़ाएं. अक्सर रिटेल निवेशक को जब तक कमाई होती है, तब तक वो निवेश में बने रहते हैं. लेकिन जैसे से बाजार में गिरावट का दौर चलता है, रिटेल निवेशक घबराने लगते हैं, और फिर बड़े नुकसान के डर से शेयर सस्ते में बेच देते हैं. जबकि बड़े निवेशकर खरीदारी के लिए गिरावट का इंतजार करते हैं. (Photo: Getty Images)

 कमाई का कुछ हिस्सा करें सुरक्षित निवेश


7. कमाई का कुछ हिस्सा करें सुरक्षित निवेश: शेयर बाजार से होने वाली कमाई के कुछ हिस्से को सुरक्षित निवेश के तौर पर दूसरे जगह पर भी लगाएं. इसके अलावा अपने मुनाफे को बीच-बीच में कैश करते हैं. सबसे अहम और हर रिटेल निवेशक के जरूरी बात यह है कि वे बिना जानकारी शेयर बाजार से दूर रहें, और निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें. देश के बड़े निवेशकों को फॉलो करें, उनकी बातों को गंभीरता से लें. (Photo: Getty Images)

Eye Opener: शेयर बाजार में क्यों लगाना चाहिए पैसा? ये 7 कारण खोल देंगे आपकी आंखें!

बाजार में बिकवाली, डाउनटर्न, क्रैश से सबको डर लगता है. ये हर बाजार चक्र का हिस्सा हैं.

बाजार में बिकवाली, डाउनटर्न, क्रैश से सबको डर लगता है. ये हर बाजार चक्र का लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? हिस्सा हैं.

एक्सपर्ट कहते हैं कि इक्विटी में लगा पैसा किसी दूसरे एसेट में लगे पैसे की तुलना में तेजी से बढ़ता है. लेकिन आमतौर पर वे . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 10, 2022, 16:16 IST

हाइलाइट्स

व्यक्ति को निवेशक बनना चाहिए न कि केवल बचतकर्ता (Saver).
निवेशक के लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? तौर पर आपके एसेट की कीमत भी महंगाई के साथ-साथ बढ़ती है.
बढ़ती जनसंख्या के दौर में बेहतर काम करने वाली कंपनियां मूल्यवान हो जाती है.

नई दिल्ली. निवेश करने वाले अधिकतर लोग मानते हैं कि लगातार बढ़ती महंगाई दर को मात देने के लिए निवेश का सबसे अच्छा साधन इक्विटी (शेयर मार्केट) है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इक्विटी में लगा पैसा किसी दूसरे एसेट में लगे पैसे की तुलना में तेजी से बढ़ता है. एक्सपर्ट्स इक्विटी के पुराने रिटर्न को देखते हुए ऐसा कहते हैं, लेकिन अधिकतर लोग इस बात पर आंखें मूंदकर भरोसा कर लेते हैं. वे यह नहीं पूछते कि इस बात की क्या गारंटी है कि यदि इतिहास में अच्छा रिटर्न दिया है तो भविष्य में भी अच्छा रिटर्न मिलेगा ही?

यह सवाल पूछना जरूरी इसलिए है ताकि आपको इसका जवाब मालूम हो. इस प्रश्न का उत्तर जानकर आप यकीनन एक अच्छे निवेशक बन जाएंगे और आपकी वेल्थ के बढ़ने के चांस भी बढ़ जाएंगे.

हम स्टॉक मार्केट की बात कर रहे हैं तो यहां इसका मतलब ब्रॉड मार्केट इंडेक्स से समझा जाए. इंडेक्स कुछ स्टॉक्स की एक बास्केट की तरह हैं, जो ओवरऑल शेयर मार्केट का प्रतिनिधित्व करते हैं. कह सकते हैं कि इनकी चाल से पूरे बाजार की चाल समझी जा सकती है. तो हम आपको बता रहे हैं मूल सवाल के जवाब, जिसे लोग अक्सर पूछते नहीं है.

7 जवाब कर देंगे आपको “लाजवाब”
मुद्रास्फीति या महंगाई
जैसे-जैसे चीजों की कीमतें बढ़ती हैं, वैसे-वैसे उन चीजों को बनाने वाली कंपनियों के रेवेन्यू और प्रॉफिट भी बढ़ता है. इसके साथ ही कंपनी के स्टॉक की वेल्यू भी बढ़ती है. इसे यूं भी समझा जा सकता है कि स्टॉक इंडेक्स के स्तर के ऊपर जाना एक तरह से इन्फ्लेशनरी ग्रोथ ही है. महंगाई भी एक कारण है कि व्यक्ति को निवेशक बनना चाहिए न कि केवल बचतकर्ता (Saver). एक निवेशक के तौर पर आपके एसेट की कीमत भी मुद्रास्फीति के साथ-साथ बढ़ती है, परंतु एक बचतकर्ता का पैसा बढ़ता नहीं है.

जनसंख्या वृद्धि
बढ़ती जनसंख्या का मतलब आमतौर पर कंपनियों के लिए एक बड़ा योग्य बाजार होता है. और जो कंपनियां अपने बड़े और बढ़ते बाजार को सफलतापूर्वक सामान बेचती हैं, समय के साथ वे और अधिक मूल्यवान हो जाती हैं.

टेक्नोलॉजी का बढ़ता दायरा
आंकड़ों के आधार पर भी कहें तो जितने ज्यादा लोग होंगे, उतने ही अधिक जीनियस और अविष्कार करने वाले सामने आएंगे. जैसे कि वैश्विक जनसंख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे इन्सान की तरक्की और अविष्कारों की गति भी तेज हो रही है. और इसी के आधार पर कंपनियों का प्रॉफिट भी लगातार अच्छा हो रहा है, क्योंकि टेक्नोलॉजी के बिना इतनी बड़ी जनसंख्या को हर पक्ष से मैनेज करना मुश्किल है.

स्टॉक की नेचुरल सिलेक्शन
एक इंडेक्स में आमतौर पर बाजार की बड़ी और बेहतरीन कंपनियां शुमार होती हैं. यदि कोई कंपनी क्वालिफिकेशन क्राइटेरिया में फेल होती है तो उसे इंडेक्स से बाहर करके किसी दूसरी बेहतरीन कंपनी को इंडेक्स में शामिल कर लिया जाता है. ऐसे में निवेशक को विशेष तौर पर स्टॉक चुनने की कोई टेंशन नहीं रहती, क्योंकि यह एक नेचुलर सिलेक्शन है, जो हमेशा आउटपरफॉर्म करता है.

लम्बे समय में जोखिम भी देते हैं लाभ
यदि आप शार्ट टर्म के लिए बाजार में पैसा डालते हैं तो आपको नुकसान होने की संभावना रहती है, लेकिन यदि आप लम्बी अवधि के लिए फाइनेंशियल मार्केट में पैसा लगा रहे हैं तो आपको फायदा ही होगा. चूंकि शार्ट टर्म में जोखिम होता है तो लॉन्ग टर्म में आपको उस जोखिम के बदले में प्रीमियम मिलता है. इसे बाजार की भाषा में रिक्स प्रीमियम कहा जाता है.

सेंट्रल बैंक की भूमिका
जब इकॉनमी में जरूरी से अधिक महंगाई पैदा होती है तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ब्याज दरों में इजाफा करके इसे शांत करने की कोशिश करता है, जिससे कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में आ जाती है. इसके उलट, जब अर्थव्यवस्था लड़खड़ाती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को कम कर देता है, जिससे लोग ज्यादा खर्च करते हैं और आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं. मतलब, अर्थव्यवस्था को सुचारी रूप से चलाने के लिए केंद्रीय बैंक लगातार निगरानी करता है.

नीचे जाने के बाद बाजार ऊपर क्यों आता है?
बाजार में बिकवाली, डाउनटर्न, क्रैश से सबको डर लगता है. ये हर बाजार चक्र का हिस्सा हैं. आते हैं और गुजर जाते हैं. ये सदा के लिए टिकाऊ नहीं हो सकते. लेकिन क्यों? इसके कुछ कारण है-

जितना लम्बा टिकेंगे, जीतने के चांस उतने ज्यादा!
भारतीय इक्विटी मार्केट का इतिहास कहता है कि इसने लगभग 16 फीसदी का सालाना कम्पाउंडेड एवरेज रिटर्न दिया है. बाजार में समय कैसे निवेशक को फायदा पहुंचाता है, उसे एक डेटा से समझना चाहिए. पिछले 33 वर्षों के सेसेंक्स के आंकड़े बयान करते हैं कि 15 फीसदी सालाना रिटर्न पाने के लिए यदि आप 1-2 साल तक टिकते हैं तो आपके चांस 50 फीसदी होते हैं. यदि आप 7 साल के लिए निवेश में बने रहते हैं तो सालाना आधार पर 15 फीसदी रिटर्न पाने के चांस बढ़कर 66 फीसदी हो जाते हैं. इसी तरह 15 साल तक टिके रहने की स्थिति में चांस 70 फीसदी बन जाते हैं.

(Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशिक की गई है. यदि आप किसी भी शेयर में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

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7 रुपये का शेयर 2 साल में 800 रुपये का, क्या पेनी स्टॉक में लगाना चाहिए पैसा?

करीब 600 पेनी स्टॉक में से पिछले चार महीने में में कम से कम 166 मल्टीबैगर्स (अपने दाम से कई गुना रिटर्न देने वाले) हो चुके हैं, और इसी दौरान बिड़ला टायर्स में 1,443 फीसदी की जबरदस्त बढ़त हुई है.

पेनी स्टॉक में कई गुना रिटर्न मिलता है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2020,
  • (अपडेटेड 20 जुलाई 2020, 9:14 AM IST)

पेनी शेयरों में एक बार फिर तेजी का रुख है. पेनी शेयर अपने जबरदस्त रिटर्न की वजह से आकर्षित करते हैं. ऐसा ही एक शेयर दो साल पहले 7 रुपये का था, लेकिन अब 800 रुपये का हो चुका है. लेकिन क्या आपको इनके आकर्षण में फंसना चाहिए? क्या हैं फायदे और जोखिम? आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं

क्या होते हैं पेनी स्टॉक

आप यदि शेयर मार्केट में निवेश करने वाले गंभीर निवेशक हैं तो ऐसे पेनी स्टॉक की तलाश में जरूर रहते होंगे जो आपको बेहतर रिटर्न दिला सकें. ऐसे शेयर जिनकी कीमत 10 रुपये से भी कम होती है उन्हें पेनी स्टॉक कहते हैं. 24 मार्च को निफ्टी इस साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था. उस दिन से अब तक देखें तो पेनी स्टॉक की संख्या में 479 की गिरावट गई है. इसकी वजह यह है कि इन शेयरों में 1400 फीसदी की तेजी आई है. इस दौरान 166 पेनी शेयर मल्टीबैगर यानी अपने दाम से कई गुना रिटर्न देने वाले बन गए हैं. इस दौरान बिड़ला टायर्स शेयर के दाम में 1443 फीसदी की जबरदस्त उछाल आई है.

दिल्ली के वरिष्ठ ट्रेडर विवेक भाउका कहते हैं, 'मुझे पिछले कुछ महीनों में करीब 20 ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया है जो कि पूरी तरह से पेनी शेयरों के बारे में टिप्स देने के लिए बनाए गए हैं. ये लोग शेयर बाजार की बुनियादी समझ भी नहीं रखते. इसलिए मुझे चिंता होती है.'

किसे करना चाहिए निवेश

पेनी स्टॉक में सिर्फ उन लोगों को निवेश करना चाहिए जो सबसे पहले तो यह समझते हों कि किसी कंपनी के बुनियादी आंकड़े कितने मजबूत हैं. मसलन कंपनी का कारोबार कैसा है, उसकी टॉपलाइन और बॉटमलाइन यानी बिक्री और मुनाफा कैसा है, वह जिस सेक्टर में है उसमें कारोबार कैसा चल रहा है आदि. और दूसरे वे यह पैटर्न अच्छी तरह समझते हों कि इन शेयरों में पैसा किस तरह से बन रहा है. यह पैटर्न कीमत में उतार-चढ़ाव, शेयरों की खरीद-फरोख्त की मात्रा या कंपनी के नाम या प्रबंधन में बदलाव आदि हो सकता है.

भाउका एक कंपनी Vikas Proppant का उदाहरण देते हैं. वे कहते हैं, 'मैंने यह शेयर 1.5-2 रुपये में खरीदा था. मैंने यह पैटर्न देखा कि कंपनी के शेयर में हर महीने नया अपर सर्किट लग रहा है. कंपनी जब भी कोेई नया ऐलान करती उसमें अपर सर्किट लग जाता. तो तीन महीने में ही यह शेयर 2 रुपये से 15 रुपये पर पहुंच गया. तो मैंने सिर्फ पैटर्न देखकर निवेश जारी रखा.'

इसी तरह इंडिया बुल्स रियल एस्टेट से अलग होने के बाद जब इंडिया बुल्स इंटीग्रेटेड लिस्ट हुआ तो लिस्टिंग के पहले दिन ही इसके 5 करोड़ शेयरों में से 2 करोड़ शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई. भाउका ने कहा, 'यह सौदा 5 रुपये में हुआ तो मैंने यह शेयर 7 रुपये में खरीद लिया और 5 रुपये का स्टॉप लॉस लगा दिया. कुछ ही दिनों में यह शेयर 30 रुपये पर पहुंच गया और अगले दो साल में ही इस शेयर के दाम 800 रुपये पर पहुंच गए.'

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क्या है जोखिम? क्या होनी चाहिए सावधानी?

तेजी से अमीर बनने की लालसा निवेशकों को इन शेयरों के प्रति आकर्षित करती है. लेकिन वे यह नहीं समझते कि ऐसे पेनी शेयरों में हेरफेर करना आसान होता है, क्योंकि एक तो इनकी खरीद-फरोख्त बहुत कम होती है, दूसरे इनका बड़ा हिस्सा कुछ निवेशकों या प्रमोटर्स के हाथ में होता है.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन और रवि राजन ऐंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर एस. रवि कहते हैं, 'यह बात सच है कि पेनी स्टॉक में हेरफेर होता है और बहुत से निवेशक इनके चक्कर में फंस जाते हैं. छोटे निवेशकों को बहुत सोच-समझकर इनमें निवेश करना चाहिए.'

पिछले दो दशकों में एक हजार से ज्यादा लिस्टेड कंपनियां शेयर बाजार से गायब हो चुकी हैं. इनका बड़ा हिस्सा पेनी स्टॉक का ही है. तो इस बात की आशंका बनी रहती है कि आप जिस स्टॉक में निवेश कर रहे हैं वह शेयर बाजार से ही गायब हो जाए. तो आपने अगर पेनी स्टॉक में निवेश तय ही कर लिया है तो आपको इससे बाहर निकलने की रणनीति पहले से ही बनाकर रखनी चाहिए कि इससे कब बाहर निकलना है. सिर्फ मुनाफे ही नहीं नुकसान के लिए भी तैयार रहें और एक कठोर स्टॉपलॉस लगाएं.

भाउका कहते हैं, 'पेनी स्टॉक के मामले में आपको निर्दयी बनना होगा. जब भी आपको इसमें नुकसान होने लगे तो आपको बाहर निकल जाना चाहिए, क्योंकि इसके बाद आपको नहीं पता कि क्या होगा.

कैसे चुनें मल्टीबैगर शेयर

आप यदि एक गंभीर निवेशक हैं और अटकलों पर भरोसा करने की जगह वास्तव में कोई अच्छा पेनी स्टॉक चुनना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. भाउका कहते है, 'उन पेनी शेयरोंं पर नजर रखें जो लगातार 52 हफ्ते की ऊंचाई को छूते रहे हों. लगातार कई बार नई ऊंचाई को छुए बिना कोई भी शेयर मल्टीबैगर नहीं बन सकता. इस सूची को बनाने के बाद आप उनके फंडामेंटल्स यानी बुनियादी आंकड़े देखें.'

StockEdge के को-फाउंडर विवेक बजाज कहते हैं, अवंती फूड्स शेयर साल 2010 में 2 रुपये का था और अब यह करीब 480 रुपये का हो गया है और इस कंपनी का मार्केट कैप 6500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ऐसे शेयर में मैनेजमेंट क्वालिटी, उनका विजन, सही सेक्टर में है या नहीं और कंपनी के कारोबार का विशिष्ट moat क्या है (यानी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अपने प्रॉफिट को बनाए रखने की उसकी क्षमता कैसी है) यह बात ध्यान में रखनी चाहिए.

तो आप अगर मौजूदा बाजार में सही पेनी शेयर चुनना चाहते हैं तो बजाज के मुताबिक एनबीएफसी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, टेलीकॉम, कैपिटल गुड्स, ऑटोमोबाइल्स टूव्हीलर्स जैसे सेक्टर पर भरोसा कर सकते हैं. इन सेक्टर से ऐसे शेयर चुनें जो कई बार 52 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचे हों और फिर उनमें भी ऐसे शेयरों पर दांव लगांए जिनके बुनियादी आंकड़े मजबूत हों यानी जिनकी आय अच्छी हो, कंपनी मुनाफे में और उसमें प्रमोटर्स की अच्छी हिस्सेदारी हो. उन शेयरों का नजरअंदाज करें जिनमें कंपनी पर भारी कर्ज है और प्रमोटर्स ने बड़े पैमाने पर शेयर गिरवी रखे हों.

इस बात का ध्यान रखें कि शेयर बाजार काफी हद तक एक बड़े जुए के खेल की तरह ही है. कई बार लोगों को बहुत सी चीजों की जानकारी नहीं हो पाती. तो आपके अंदर जोखिम लेने की क्षमता और अनुभव हो तो ही ऐसे शेयरों पर दांव लगाएं. आपके पोर्टफोलियो में ऐसे शेयरों का 5 से 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं होना चाहिए.

शेयर मार्केट में पैसा कब लगाना चाहिए? | शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए?

शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए, शेयर मार्केट में कब निवेश करना चाहिए, स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने का सबसे अच्छा समय कब होता है, स्टॉक मार्केट में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कब इन्वेस्ट करना चाहिए?

शेयर बाजार में पैसा निवेश करने से पहले निवेशकों के मन में अक्सर ऐसे सवाल जरूर आते हैं कि आखिर शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए? शेयर मार्केट में पैसा लगाने का सही समय कब होता है? शेयर कब खरीदना और बेचना चाहिए जिससे हम ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट कमा सकें।

अगर आप सोचते हैं कि स्टॉक मार्केट में पैसा निवेश करने का सबसे अच्छा समय कब होता है?

तो आज मैं इस पोस्ट में आपके इन सभी सवालों का जवाब बिल्कुल सिंपल तरीके से देने वाला हूं आइए जानते हैं―

शेयर मार्केट में पैसा कब लगाना चाहिए?

शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए, शेयर मार्केट में पैसा कब लगाना चाहिए

शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए?

Share market me paisa kab Invest karna chahiye

शेयर मार्केट में पैसा लगाने का सबसे अच्छा सही समय मंदी या फिर गिरावट के वक्त होता है क्योंकि जब पूरा शेयर बाजार डरा हुआ होता है तो निवेशक अपने खरीदे हुए शेयर बेचने लगते हैं जिससे आपको मजबूत कंपनियों के शेयर सस्ते दाम में खरीदने को मिल जाते हैं इसीलिए आपको गिरावट के समय शेयर बाजार में पैसा लगाना चाहिए।

अब यह तो बात हो गई शार्ट में… लेकिन क्या इतना ही जानना काफी है शेयर बाजार में अपना मेहनत का पैसा निवेश करने के लिए?

आपको किसी भी समय शेयर मार्केट में पैसा लगाने से पहले या किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना पड़ता है जैसे कि―

  • कभी भी बिना खुद से रिसर्च किए सिर्फ दूसरों के कहने पर पैनी स्टॉक्स या बिना भरोसेमंद कंपनी में पैसा नहीं लगाना चाहिए.
  • शेयर मार्केट को बिना सीखे सिर्फ दूसरों के टिप्स लेकर पैसा लगाने से अंत में आप सिर्फ अपना नुकसान ही करेंगे.
  • स्टॉक मार्केट कोई शार्ट टर्म का खेल नहीं है जिससे आप रातों-रात शेयर बाजार से करोड़पति बन जाए.
  • यह एक लंबा गेम है जिसमें आपको पहले शेयर मार्केट की सारी बेसिक चीजें सीखनी पड़ेंगी क्योंकि जो लोग बिना सीखें पैसा निवेश करते हैं वही बाद में कहते हैं कि शेयर बाजार जुआ है.
    जबकि शेयर मार्केट तो एक ऐसी जगह है जिसमें अगर समझदारी के साथ पैसा निवेश किया जाए तो यहीं से वारेन बफ़ेट जैसे दुनिया के सबसे अमीर इन्वेस्टर निकलते हैं और राकेश झुनझुनवाला जैसे बिग बुल भी.
  • शेयर बाजार में पैसा केवल तभी लगाएं जब आप जिस कंपनी का शेयर खरीद रहे हैं उस पर आपको भरोसा हो. और भरोसा तभी होगा जब आपने उस कंपनी के शेयर पर अच्छे से फंडामेंटल रिसर्च की होगी तभी आप को उसके बिजनेस परफॉर्मेंस के बारे में पता चलेगा और आप जानोगे कि वह कंपनी कितने पानी में है.

हर समझदार इन्वेस्टर अपना पैसा निवेश करने से पहले घंटों रिसर्च करता है और जब उसे लगता है कि कंपनी में वाकई दम है तभी वह उसका शेयर खरीदने का फैसला करता है.

इस प्रकार वह अपनी समझदारी के द्वारा अपने निवेश किए हुए पैसों पर ज्यादा से ज्यादा लाभ या मुनाफा कमा पाता है।

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शेयर मार्केट में पैसा लगाने का सबसे अच्छा समय कब होता है?

अगर मैं शेयर बाजार में पैसा लगाने के सबसे अच्छे समय की बात करूं तो आपको पता है कि इंडिया में स्टॉक मार्केट 9:15 बजे से 3:30 बजे तक खुला रहता है. तो आपको बाजार खुलते ही तुरंत निवेश नहीं करना चाहिए बल्कि जब आप थोड़ा बहुत वॉल्यूम और ट्रेड देखने लगे तब आपको पैसा लगाना चाहिए।

    का मतलब है कि ट्रेडर्स या इन्वेस्टर्स अपने कितने शेयर खरीद और बेच रहे हैं उन्हीं खरीदे और बेचे गए शेयरों की संख्या को वॉल्यूम कहा जाता है।

ज्यादातर ट्रेडर्स ही इंट्राडे ट्रेडिंग के द्वारा वॉल्यूम को घटाते बढ़ाते रहते हैं.

आप देखेंगे कि शेयर बाजार में 10:30 से 11:30 बजे के बाद अच्छा खासा वॉल्यूम हो जाता है और तब आप निर्णय ले सकते हैं कि आपको अपना पैसा निवेश करना चाहिए या नहीं.

अगर लोग किसी कंपनी के शेयर बहुत ज्यादा बेच रहे हैं और आप सिर्फ इंट्राडे ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आप भी short selling करके उस शेयर से पैसा कमा सकते हैं।

लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि इंट्राडे ट्रेडिंग में काफी रिस्क होता है और आपके पैसा नुकसान करने के चांसेस भी बहुत ज्यादा होते हैं. इसलिए स्टॉपलॉस जरूर लगाकर रखें.

और मैं तो कहता हूं कि अगर आपको टेक्निकल एनालिसिस अच्छे से आता है तो ही इंट्राडे ट्रेडिंग करें वरना ना करें।

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  • Nifty कल कैसा रहेगा ( गिरेगा या बढ़ेगा )― 15 तरीकों से जानिए।

शेयर बाजार में किस समय पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए?

शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए ― पैसा इन्वेस्ट करने से पहले आपको पता होना चाहिए कि शेयर का प्राइस कम या ज्यादा क्यों होता है? क्योंकि जब आप किसी शेयर में पैसा लगाएंगे और जब वह थोड़ा डाउन जाएगा तो आप पैनिक में लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? आकर उसे बेचने का निर्णय ले सकते हैं

जबकि यह आपके लिए पैसा इन्वेस्ट करने का एक मौका हो सकता था.

ऐसा सिर्फ उन लोगों के साथ होता है जो न्यूज़ में या फिर किसी एक्सपर्ट से सलाह लेकर किसी शेयर को खरीद तो लेते हैं लेकिन उन्हें पता नहीं होता है कि वह share ऊपर नीचे क्यों जाता है?

जबकि आपको अगर उस कंपनी के बारे में पता होगा तो आपको किसी शेयर के भाव बढ़ने या घटने से कोई परेशानी नहीं होगी।

अब आइए अपने सवाल पर आते हैं और उसका जवाब देते हैं कि शेयर मार्केट में कब पैसा निवेश करना चाहिए?

स्टॉक मार्केट में किसी शेयर में आपको उस समय पैसा लगाना चाहिए जब वह अपनी इंटरिंसिक वैल्यू से कम कीमत पर मिल रहा हो। सबसे अमीर निवेशक वॉरेन बुफे भी इसी तरह वैल्यू इन्वेस्टिंग करके अच्छा मजबूत शेयर चुनते हैं।

  • क्या आपको पता है शेयर बाजार में आप सिर्फ तेजी और बढ़ते हुए मार्केट में ही नहीं बल्कि गिरावट के समय गिरते हुए मार्केट में भी पैसा कमा सकते हैं शार्ट selling के द्वारा.

जैसा कि राधा कृष्णदमानी ने किया था हर्षद मेहता स्कैम 1992 के समय.

एक समझदार निवेशक होने के चलते उन्हें पता था कि बेवजह शेयर का प्राइस बढ़ाया जा रहा था जबकि उन कंपनियों में कोई दम नहीं था। इसलिए उन्हें पता था कि एक ना एक दिन यह बबल जरूर फूटेगा और इन कंपनियों में बहुत बड़ी गिरावट होगी

1992 में जब इस स्कैम के बारे में लोगों को पता चला तो लोगों ने जिन कंपनियों में अपना पैसा लगाया था वह उनके शेयर बेचने लग गए और इतनी बिकवाली हुई कि पूरा स्टॉक मार्केट गिर गया.

और जिन लोगों ने उस समय यानी 1992 से पहले हर्षद मेहता के कहने पर या फिर सिर्फ शेयर के चार्ट पेटर्न को देखकर पैसा लगाया था या फिर सिर्फ इसीलिए शेयर मार्केट में पैसा निवेश किया था क्योंकि किसी शेयर का प्राइस लगातार पढ़ रहा था, उन सभी को नुकसान हुआ और इनफैक्ट कुछ लोग तो पूरी तरह से बर्बाद हो गए और सड़क पर आ गए.

इसीलिए आपको शेयर बाजार में पैसा कब लगाना चाहिए यह निर्णय बहुत सोच समझ कर लेना चाहिए क्योंकि अगर आप बिना सोचे समझे किसी भी शेयर में पैसा लगा देते हैं तो आप का भी वही हाल हो सकता है जो इन लोगों का हुआ.

और दूसरी तरफ अगर आप समझदारी से एक समझदार निवेशक की तरह स्टॉक मार्केट में पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो आप ना सिर्फ अपने पैसे पर कई गुना मुनाफा कमाएंगे बल्कि आपको भविष्य में अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता।

एक समझदार निवेशक बनने के लिए मैं आपको शेयर मार्केट इन्वेस्टिंग पर लिखी जाने वाली अब तक की दुनिया की सबसे बेस्ट किताब द इंटेलीजेंट इन्वेस्टर पढ़ने की सलाह देता हूं….

इस किताब को आप नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं और शेयर मार्केट के एक्सपर्ट बन सकते हैं।

शेयर बाजार में कब पैसा लगाना चाहिए, शेयर मार्केट में पैसा कब लगाना चाहिए

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Investment Tips: शेयर मार्केट से करोड़पति कैसे बनें? आपका भी है यही सवाल? ये 7 जवाब

अमित कुमार दुबे

पैसा कमाना हर किसी को अच्छा लगता है. कहा जाता है कि शेयर बाजार में बहुत पैसा है. कुछ लोगों को उदाहरण दिया जाता है कि इन्होंने महज 5000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी, और आज शेयर बाजार से करोड़ों रुपये बना रहे हैं. आखिर उनकी सफलता का राज क्या है, आज हम आपको बताएंगे? (Photo: Getty Images)

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दरअसल, आप भी कुछ आसान टिप्स को फॉलो कर शेयर बाजार से पैसे बना सकते हैं. शेयर बाजार में कुछ बातों का ध्यान रखकर आप लखपति से करोड़पति बन सकते हैं. लेकिन अक्सर लोग पैसे बनाने की होड़ में नियम और रिस्क को भूल जाते हैं, या फिर कहें जानबूझकर नजरअंदाज कर देते हैं. और फिर उनकी उनकी शिकायत होती है कि शेयर बाजार से बड़ा नुकसान हो गया. (Photo: Getty Images)

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यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि शेयर बाजार से 90 फीसदी से ज्यादा रिटेलर पैसा लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? नहीं बना पाते हैं, हर रिटेल निवेशक को शेयर बाजार में कदम रखने से पहले इसे आंकड़े को ध्यान में रखना चाहिए. लेकिन एक इसमें एक अच्छी बात यह है कि 10 फीसदी रिटेल निवेशक पैसे बनाने में सफल रहते हैं. क्योंकि वे नियमों को फॉलो करते हैं. (Photo: Getty Images)

शुरुआत कैसे करें:

अब आइए आपको बताते हैं कि शेयर बाजार के आप कैसे करोड़पति बन सकते हैं.

1. शुरुआत कैसे करें: शेयर बाजार में निवेश से पहले ये जानने की कोशिश करें कि शेयर बाजार क्या है? शेयर बाजार कैसे काम करता है? लोगों को शेयर बाजार से लेकिन क्या आपको पैसे लगाने चाहिए? कैसे कमाई होती है? क्योंकि शेयर बाजार कोई पैसे बनाने की मशीन नहीं है. डिजिटल के इस दौर में आप घर बैठे ऑनलाइन इस बारे में जानकारी जुटा सकते हैं. इसके अलावा आप इस मामले में वित्तीय सलाहकार की मदद ले सकते हैं. जो आपको शुरुआत में सही दिशा बताएंगे.

छोटी रकम से करें निवेश की शुरुआत


2. छोटी रकम से करें निवेश की शुरुआत: ये जरूरी नहीं है कि शेयर बाजार में निवेश के लिए बड़ी रकम होनी चाहिए. अधिकतर लोग यही गलती करते हैं. अपनी पूरी जमापूंजी शेयर बाजार में लगा देते हैं. फिर बाजार में उतार-चढ़ाव को झेल नहीं पाते हैं. आप छोटी रकम यानी महज 5 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. (Photo: Getty Images)

टॉप कंपनियों को चुनें

3. टॉप कंपनियों को चुनें: शुरुआत में बहुत ज्यादा रिटर्न पर फोकस करने से बचें. क्योंकि बहुत ज्यादा रिटर्न के चक्कर में लोग उन कंपनियों स्टॉक्स में पैसे लगा देते हैं, जो फंडामेंटली मजबूत नहीं होते हैं, और फिर फंस जाते हैं. इसलिए निवेश की शुरुआत अक्सर लार्ज कैप कंपनियों से करें. जो फंडामेंटली मजबूत हो. जब आपको कुछ साल का अनुभव हो जाएगा तो फिर थोड़ा रिस्क ले सकते हैं.

 निवेशित रहने की जरूरत

4. निवेशित रहने की जरूरत: जब आप छोटी रकम से निवेश की शुरुआत करेंगे, तो फिर हर महीने निवेश को बढ़ाते रहें. अपने पोर्टफोलियो को संतुलित बनाकर रखें. जब आप लगातार कुछ साल तक बाजार में निवेशित रहेंगे तो फिर आप लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं. अक्सर बाजार में लंबे समय के निवेशित रहने वालों का फायदा होता है. (Photo: Getty Images)

पैनी स्टॉक्स से रहें दूर

5. पैनी स्टॉक्स से रहें दूर: रिटेल निवेशक अक्सर सस्ते स्टॉक्स पर फोकस करते हैं. 10-15 रुपये वाले स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लेते हैं और फिर गिरावट में घबरा जाते हैं. उन्हें लगता है कि सस्ते शेयर में कम निवेश कर ज्यादा कमाया जा सकता है. लेकिन ये सोच गलत है. स्टॉक्स का चयन हमेशा कंपनी की ग्रोथ को देखकर करें. उसी कंपनी में निवेश करें, जिसका बिजनेस अच्छा हो और उस बिजनेस को चलाने वाला मैनेजमेंट अच्छा हो.

 गिरावट में घबराएं नहीं

6. गिरावट में घबराएं नहीं: शेयर बाजार में जब भी गिरावट आए, तो अपने निवेश को बढ़ाने बढ़ाएं. अक्सर रिटेल निवेशक को जब तक कमाई होती है, तब तक वो निवेश में बने रहते हैं. लेकिन जैसे से बाजार में गिरावट का दौर चलता है, रिटेल निवेशक घबराने लगते हैं, और फिर बड़े नुकसान के डर से शेयर सस्ते में बेच देते हैं. जबकि बड़े निवेशकर खरीदारी के लिए गिरावट का इंतजार करते हैं. (Photo: Getty Images)

 कमाई का कुछ हिस्सा करें सुरक्षित निवेश


7. कमाई का कुछ हिस्सा करें सुरक्षित निवेश: शेयर बाजार से होने वाली कमाई के कुछ हिस्से को सुरक्षित निवेश के तौर पर दूसरे जगह पर भी लगाएं. इसके अलावा अपने मुनाफे को बीच-बीच में कैश करते हैं. सबसे अहम और हर रिटेल निवेशक के जरूरी बात यह है कि वे बिना जानकारी शेयर बाजार से दूर रहें, और निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें. देश के बड़े निवेशकों को फॉलो करें, उनकी बातों को गंभीरता से लें. (Photo: Getty Images)

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