अनुभवी टिप्स

कॉमर्स का कार्य

कॉमर्स का कार्य

UP News: अमेरिका की बड़ी कंपनियां यूपी में करेगी निवेश, मंत्री दयाशंकर का दावा- लाखों युवाओं को मिलेगी नौकरी

Uttar Pradesh News: सैन फ्रैंसिस्को, टोरंटो और न्यूयॉर्क में कार्यरत बड़ी कंपनियों से लगातार संवाद चल रहा है. सरकार आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कृषि क्षेत्र के निवेशकों को यूपी लाने की तैयारी में है.

By: शैलेश अरोड़ा | Updated at : 26 Nov 2022 09:56 PM (IST)

(परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, फाइल फोटो)

Global Investor Summit: ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर अमेरिकन कंपनियां यूपी में नौ सेक्टर में निवेश को लेकर रुझान दिखा रही है. इससे बड़े स्तर पर निवेश की उम्मीद बंधी है. सैन फ्रैंसिस्को, टोरंटो और न्यूयॉर्क में कार्यरत बड़ी कंपनियों से लगातार संवाद चल रहा है. सरकार आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कृषि क्षेत्र के निवेशकों को यूपी लाने की तैयारी में है. यूपी के स्टार्टअप्स में फंडिंग के लिए वेंचर कैपटलिस्ट्स से भी संपर्क हो रहा है.

अमेरिकी कंपनियों की ओर से जिन सेक्टर्स में विशेष रुचि दिखाई गयी उनमें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा और एयरोस्पेस, फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण, ऊर्जा, रिटेल और ऑटोमोबाइल शामिल हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में वेंचर कैपिटलिस्ट भी यूपी में निवेश को इच्छुक हैं. यूपी में सर्वाधिक 90 लाख से भी ज्यादा एमएसएमई क्लस्टर हैं, जहां निवेश के लिए अमेरिकन वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ कॉमर्स का कार्य सरकार के स्तर से लगातार संपर्क साधा जा रहा है.

आईटी सेक्टर में

इसमें एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन, अल्फाबेट (गूगल), अमेजॉन, मेटा, वीज़ा, इंटेल, सिस्को, ऑरेकल और अडोबी शामिल हैं.

News Reels

एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग में

इसमें आर्चर डेनियल्स मिडलैंड (एडीएम), सिजेन्टा, ब्यूरो वेरिटाज़, कोर्टेवा एग्रीसाइंस, न्यूट्रीन, इंडिगो और पॉयनियर शामिल हैं.

एयरो एंड डिफेंस सेक्टर में

इसमें बीएई सिस्टम, सफरॉन एसए, रायथॉन, नॉर्थ्रोप ग्रुम्मैन, जीई एविएशन, जनरल डायनेमिक्स कॉर्पोरेशन, लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन, यूनाइटेड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन (यूटीसी), एयरबस एसई और दि बोइंग कंपनी शामिल हैं.

फार्मा एंड मेडिकल सेक्टर में

इनमें जॉनसन एंड जॉनसन, फाइजर इंक, मर्क एंड कंपनी, ऐबवाई इंक, ब्रिस्टल मेयर्स स्क्वीब, एब्बोट लैबोरेटरीज़, ऐमगन, गिलीड साइंसेज़, एली लिली एंड कंपनी और बायोजेन शामिल हैं.

ऊर्जा सेक्टर में

इसमें एक्सन मोबिल कॉर्पोरेशन, शेवर्न कॉर्पोरेशन, नेक्स्ट्रा इनर्जी, जनरल इलेक्ट्रिक, कॉन्को फिलिप्स, डोमिनियन इनर्जी, ड्यूक इनर्जी कॉर्पोरेशन और दि सदर्न शामिल हैं.

वेंचर कैपिटल में

इनमें डीसीएम वेंचर, ग्रेलॉक पार्टनर, इनसाइट वेंचर पार्टनर और यूनियन स्क्वायर वेंचर शामिल हैं.

रिटेल सेक्टर में

वालमार्ट, अमेजॉन, कोस्टो होलसेल और दि होम डीपो शामिल हैं.

ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में

जनरल मोटर्स, फोर्ड मोटर, बीएमडब्ल्यू, फॉक्सवैगन, टेस्ला, डीरे एंड कंपनी, पेसकार इंक और निसान मोटर्स प्रमुख रूप से शामिल हैं.

इसके अलावा विभिन्न व्यापारिक संगठनों से सरकार की बात चल रही है. इनमें यूएस स्माल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एसबीए), नेशनल विमेन बिजनेस काउंसिल, स्कोर बिजनेस मेंटरिंग, वेटरन्स बिजनेस आउटरीच सेंटर (वीबीओसी) शामिल है. इसके अलावा यूएस चेंबर ऑफ कॉमर्स स्माल बिजनेस काउंसिल, यूएस एक्सपोर्ट असिस्टेंस सेंटर, यूनाइटेड स्टेट माइनॉरिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स, आंत्रप्रेन्योर ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट बिजनेस (एनएफआईबी) शामिल है. इंटरनेशनल फ्रेंचाइजीस एसोसिएशन (आईएफए), नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन, नेशनल रिटेल फेडरेशन, अमेरिकन मार्केटिंग एसोसिएशन (एएमए), यूनाइटेड स्टेट टेलिकॉम एसोसिएशन शामिल कॉमर्स का कार्य हैं.

अमेरिकी कंपनियों के उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए सरकार ने अफसरों की लंबी चौड़ी टीम को काम पर लगा दिया है. इनमें सचिव स्तर से ऊपर के दो अफसर, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारी, योजना विभाग से एक अधिकारी, उद्योग विभाग से एक अधिकारी को लगाया गया है. इसके अलावा सीएम कार्यालय से एक अधिकारी और इन्वेस्ट यूपी के तीन अधिकारियों को अमेरिकी कंपनियों से डील फाइनल करने के काम में मिशन मोड में कार्य करने के लिए कहा गया है.

क्या कहा मंत्री ने?

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बहुत सारे परिवर्तन हो रहे हैं, बहुत सारी हाइड्रोजन की बसें भी चलने लगी है, ई-बसें भी चला रहे हैं. निवेश के लिए जो कंपनी आ रही उनका स्वागत है. उत्तर प्रदेश देश का बहुत बड़ा सेंटर है, देश का एक चौथाई हिस्सा सिर्फ उत्तर प्रदेश है. उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है.

सीएम योगी ने लोगों को एक भरोसा दिया है जिसके कारण बड़ी-बड़ी कंपनियां दूसरे देश में अपने उत्पादन को बंद कर उत्तर प्रदेश को पसंद कर रही है. जैसे सैमसंग कंपनी चाइना से उत्पादन बंद कर आज नोएडा में डेढ़ लाख मोबाइल प्रतिदिन उत्पादन कर रही. इसी तरह स्कूटी से लेकर बस तक इलेक्ट्रॉनिक्स आ रही है. इसका लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा. जब निवेश होगा तो रोजगार का सृजन होगा, लाखों युवकों को, व्यापारियों को एक प्लेटफार्म मिलेगा.

Published at : 26 Nov 2022 09:55 PM (IST) Tags: Dayashankar Singh UP global investor summit हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: States News in Hindi

छंटनी को लेकर घिरी अमेजन, श्रम मंत्रालय ने भेजा समन

छंटनी को लेकर घिरी अमेजन, श्रम मंत्रालय ने भेजा समन

मंदी की आशंका को देखते हुए कई कंपनियां छंटनी कर रही हैं। इसी कड़ी में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने भी हजारों कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद अमेजन इंडिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, श्रम मंत्रालय ने कर्मचारियों को जबरन बाहर निकालने के मामले में अमेजन को समन भेजा है। साथ ही कंपनी को बेंगलुरू में उप मुख्य श्रम आयुक्त के सामने पेश होने को कहा है।

10,000 कर्मचारियों की छंटनी कर रही अमेजन

बीते सप्ताह खबर आई थी कि अमेजन कॉमर्स का कार्य लगभग 10,000 कर्मचारियों को कंपनी से निकालने जा रही है। पिछले कुछ तिमाही कंपनी के लिए लाभदायक नहीं रहे हैं, इसलिए लागत में कटौती के लिए यह छंटनी की जा रही है। कंपनी पहले ही अपने कर्मचारियों को इस संबंध में चेतावनी दे चुकी थी। अगर काम से निकाले जाने वाले कर्मचारियों की संख्या 10,000 के आसपास रहती है तो यह अमेजन के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी होगी।

मंगलवार को अमेजन को भेजा गया समन

मंगलवार को श्रम मंत्रालय ने अमेजन को समन भेजा था। इसमें कंपनी को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया था। पुणे स्थित कर्मचारियों के लिए काम करने वाले एक संघ NITES की याचिका पर यह समन भेजा गया है। संघ ने पिछले हफ्ते याचिका दायर कर राज्य और केंद्र सरकार से अमेजन की तरफ से भेजे गए 'अनैतिक और अवैध छंटनी' के ईमेल की जांच की मांग की थी।

"कानून से ऊपर नहीं हैं अमेजन की नीतियां"

न्यूज18 के अनुसार, NITES के प्रमुख हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि उनका संघ अमेजन की तरफ से भारत में की गई छंटनी की निंदा करता है। यहां के कानून अमेजन की नीतियों से ऊपर हैं। नियमों के अनुसार, सरकार से उचित मंजूरी के बिना कोई भी नियोक्ता कर्मचारी को नहीं निकाल सकता। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने अमेजन में एक साल से ज्यादा काम किया है, उन्हें तीन महीने का नोटिस पीरियड देना जरूरी है।

अमेजन ने क्यों की छंटनी?

अमेजन ने पिछले महीने असामान्य और अनिश्चित मैक्रोइकनॉमिक माहौल को देखते हुए कर्मचारियों की छंटनी शुरू की थी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एंडी जेस्सी ने कहा था कि अमेजन मौजूदा व्यापारिक स्थितियों के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रही है। अगले साल भी छंटनी जारी रहेगी और प्रभावित कर्मचारियों के साथ इस फैसले को साझा कर दिया जाएगा। बता दें कि दुनियाभर में अमेजन के साथ 16 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर है अमेजन की विकास दर

कोरोना वायरस महामारी के दौर में इतिहास में सबसे अधिक मुनाफा कमाने के बाद अमेजन को अब महंगाई के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई में रिकॉर्ड इजाफे के कारण लोग पैसा खर्च करने से बच रहे हैं और इस कारण अमेजन की वृद्धि पिछले दो दशक में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कंपनी ने छुट्टियों के मौसम में भी वृद्धि धीमी होने की आशंका जताई है।

ये कंपनियां भी कर चुकी हैं बड़े पैमाने पर छंटनी

अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने और वैश्विक मंदी की तैयारी के लिए अमेजन से पहले ट्विटर, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी छंटनी कर चुकी हैं। ट्विटर ने अपने 50 प्रतिशत स्थायी स्टाफ (लगभग 3,700 कर्मचारी) की छुट्टी कर दी है, वहीं कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लगभग 4,400 कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म कर दिया गया है। फेसबुक ने लगभग 11,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 1,000 कर्मचारी निकाले हैं।

आगामी चार माह में 3 लाख 71 हजार नये किसानों को मिलेगा फसली ऋण – श्रेया गुहा

29 केंद्रीय सहकारी बैंक आठ माह में सवा लाख नये किसानों को ही सहकारी साख सुविधा से जोड़ पाए

जयपुर, 28 नवम्बर (मुखपत्र)। मुख्यमंत्री एवं राज्य के वित्त मंत्री अशोक गहलोत ने बजट भाषण में वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से पांच लाख नये किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, हालांकि राज्य के 29 केंद्रीय सहकारी बैंक, चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में केवल 1 लाख 29 हजार नये किसानों को ही सहकारी साख सुविधा से जोड़ पाए।

सोमवार को राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड जयपुर के सभागार में आयोजित केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों की बैठक मेंं यह तथ्य सामने आया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने नये सदस्यों को फसली ऋण वितरण में केंद्रीय सहकारी बैंकों की कछुआ चाल पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए बजट घोषणा के अनुरूप, निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए आगामी चार माह में शेष 3 लाख 71 हजार नये किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में बताया गया कि राज्य में चालू वित्त वर्ष में अब तक 1 लाख 29 हजार नए किसानों को सहकारी साख सुविधा से जोड़ते हुए, कॉमर्स का कार्य उन्हें 233 करोड़ रुपये का फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है। जबकि 25 नवम्बर 2022 तक 26 लाख 92 हजार किसानों को 12 हजार 811 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण किया गया है। इस पर श्रीमती गुहा ने अपेक्स बैंक एमडी को निर्देश दिया कि फसली ऋण वितरण एवं नए सदस्यों किसानों को ऋण से जोडऩे की साप्ताहिक समीक्षा करें और सदस्य किसानों को समय पर ऋण वितरण हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।

एमटी लोन और नोन-फार्मिंग लोन पर भी फोकस करें

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि पात्र किसानों को मध्यकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण वितरण पर भी फोकस किया जाए। इस प्रकार के ऋणों के लिए नाबार्ड की योजना का भी लाभ लेकर किसानों को सुविधा दें ताकि उनकी आवश्यकता को स्थानीय स्तर पर पूर्ण किया जा सके।

पैक्स को मल्टी सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा

श्रीमती श्रेया गुहा ने कहा कि पैक्स एज एमएससी योजना के तहत पैक्स को मल्टी सर्विस सेन्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है, इस योजना में सभी प्रबंध निदेशक चयनित पैक्स की तरफ विशेष ध्यान दें एवं इन्हें विकसित करें।

कम्प्यूटराइजेशन के लिए 10 दिन में करें पैक्स का चचन

उन्होंने कहा कि राज्य की 7 हजार से अधिक पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन किया जाएगा। इसके लिए अभी तक 1963 पैक्स का चयन कर लिया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 10 दिन में ऑडिट पूर्ण वाली समितियों का चयन कर प्रक्रिया को पूरा कर शेष समितियों की सूचना भिजवाएं ताकि प्रथम चरण में अधिकतम पैक्स का कम्प्यूटराइजशन हो सके। उन्होंने समय पर ऑडिट नहीं कराने वाली समितियों के खिलाफकार्यवाही करने का निर्देश दिया।

बैंकिंग विनियमन अधिनियम की पालना करें सीसीबी

श्रीमती गुहा ने कहा कि सभी केंद्रीय सहकारी बैंक, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की अनुपालना पूर्णत: सुनिश्चित करें ताकि नाबार्ड एवं आरबीआई के निर्देशों की पालना हो सके। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों की केवाईसी से सम्बंधित प्रकरण पूर्ण नहीं हैं, वे सभी दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में पूरा करें। उन्होंने बैंकों में जमा पूंजी बढ़ाने के लिए निजी बैंकों की तरह कार्य व्यवहार को अमल में लाने के निर्देश दिए।

एसएचजी को अधिकतम ऋण उपलब्ध कराएं

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को अधिकतम ऋण उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें ऋण प्राप्त करने के लिए भटकना नहीं पड़े। उन्होंने राजीविका से जुड़े समूहों से वीसी करने एवं उन्हें आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अटल पेंशन योजना के खाते खोलने केसीसी से सम्बंधित डाटा एन्श्योर पोर्टल पर समय पर अपलोड करने सहित अन्य बिन्दु पर चर्चा की गई।

एमडी भोमाराम ने एजेंडा प्रस्तुत किया

अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक भोमाराम ने बैठक में एंजेडा प्रस्तुत किया। बैठक में सहकारिता रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) विद्याधर गोदारा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) पी.पी. मांडोत सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रतलाम / शहर में विकास के बड़े प्रोजेक्ट आकार लेने की तैयारी में, विधायक श्री काश्यप तथा कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने जिला न्यायालय, नवीन बस स्टैंड सहित अनेक भूमि चिन्हाकन तथा स्थल किए निरीक्षण

रतलाम,28नवंबर(इ खबर टुडे)। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की मंशानुसार रतलाम शहर में विकास के कई बड़े प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहे हैं जो शहरी कॉमर्स का कार्य विकास को नवीन आयाम देंगे। महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए सोमवार को विधायक चैतन्य काश्यप तथा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किए गए। परियोजनाओं हेतु भूमि चिन्हित की गई।

इस दौरान विधायक श्री काश्यप ने निर्देशित किया कि शहरी विकास को नई ऊंचाई देने वाली विकास परियोजनाओं को शीघ्र अति शीघ्र समय सीमा में मूर्त रूप दिया जाए। शहर एसडीएम संजीव पांडे, जिला पंजीयक डॉ. अमरीश नायडू, हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री राजकुमार, सहायक यंत्री श्री सिसोदिया, तहसीलदार श्रीमती अनीता चौकोटिया, जिला खेल अधिकारी सुश्री रूबिका दीवान, पटवारी तेजवीर चौधरी आदि उपस्थित रहे।

इस दौरान विधायक तथा कलेक्टर द्वारा सालाखेड़ी में निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना का निरीक्षण किया गया। कार्य तेजी से चल रहा है, नक्शे पर क्रियान्वयन की स्थिति देखी गई। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके पश्चात आरटीओ कार्यालय के पृष्ठ भाग में जिला न्यायालय के लिए आवंटित भूमि का निरीक्षण किया गया। प्रस्तावित साड़ी क्लस्टर हेतु करमदी रोड पर भूमि देखी गई। यहां भूमि चिन्हित नहीं की कॉमर्स का कार्य जा सकी। मिड टाउन कॉलोनी के पीछे शहर के पर्सपैक्टिव प्लान और नवीन बस स्टैंड निर्माण हेतु भूमि देखी गई जहां आधुनिकतम बस स्टैंड की नींव रखी जाएगी। महू नीमच रोड मंडी के सामने सीएम राइस स्कूल तथा साड़ी क्लस्टर हेतु भूमि निरीक्षण किया गया।

शहर के विरियाखेड़ी क्षेत्र में कॉमर्स कॉलेज के पीछे शानदार ऑडिटोरियम बनेगा जिसके लिए भूमि चिन्हित की गई है। विधायक तथा कलेक्टर ने ऑडिटोरियम निर्माण के लिए मंगलवार से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश हाउसिंग बोर्ड को दिए। मेडिकल कॉलेज के विस्तारीकरण की योजना के तहत कॉलेज के बगल से लगी भूमि का निरीक्षण भी किया गया। यहां लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा राजस्व अधिकारियों को दिए गए। उक्त भूमि में नर्सिंग कॉलेज, ट्रामा सेंटर, सुपर स्पेशलिटी सेंटर इत्यादि बनाए जाएंगे। बंजली में 15 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले खेल स्टेडियम के लिए चिन्हित की गई भूमि का निरीक्षण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि खेल स्टेडियम 4 हेक्टेयर में निर्मित होगा। ऑडिटोरियम के लिए 8 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।

रेटिंग: 4.53
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 812
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *